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आत्मनिर्भर होंगी साधन सहकारी समितियां, खीरी में बन रहे 58 गोदाम।

संवादाता जबीर अंसारी

*आत्मनिर्भर होंगी साधन सहकारी समितियां, खीरी में बन रहे 58 गोदाम।*

*डीएम ने ली कृषि अवस्थापना निधि की जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक, दिए निर्देश।*

*लखीमपुर खीरी 10 अगस्त। बुधवार को डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि अवस्थापना निधि के तहत जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक ली। बैठक का सफल संचालन डीडीएम नाबार्ड प्रसून ने किया*बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने कहा कि जिन दस गोदामों का निर्माण पूर्ण हो गया, वहां थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन* *(पीडब्ल्यूडी एवं आरईडी) से कराया जाए* *उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि अन्य समितियों को भी जागरूक करते हुए आत्मनिर्भर भारत (एआईएफ) योजना के तहत गोदाम निर्माण हेतु प्रोत्साहित करें। भंडारण कक्षों के निर्माण से समितियों को अनाज, कीटनाशक एवं उर्वरकों के भंडारण की सुविधा होगी।*

बैठक में सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत सहकारी समितियों में नाबार्ड की तरफ से गोदाम का निर्माण की अद्यतन स्थिति जानते हुए विस्तृत समीक्षा की एवं संबंधित को जरूरी निर्देश दिए। डीडीएम नाबार्ड प्रसून ने बताया कि जनपद में 58 साधन सहकारी समितियां में आत्मनिर्भर योजना के तहत नाबार्ड की तरफ से 100 मीट्रिक टन क्षमता के एक-एक गोदाम बनाए जा रहे है, जिसमें 10 गोदामों का निर्माण पूर्ण हो गया। वही 48 गोदाम निर्माणाधीन है। गोदाम निर्माण के लिए सहकारी समितियों को नाबार्ड ने 16 लाख की धनराशि मात्र एक फ़ीसदी ब्याज की दर पर उपलब्ध कराई। वही चार लाख की धनराशि उप्र सरकार की ओर से मार्जिन मनी के रूप में सहकारी समितियों को उपलब्ध कराया जा रहा है।बताते चलें कि साधन सहकारी समितियां अब घाटे का नहीं कमाई का जरिया बनेगी। शासन ने आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत समितियों को गोदाम निर्माण के लिए एक फीसद ब्याज दर पर विशेष ऋण मुहैया होगा। इसके लिए जनपद में 100 मीट्रिक टन क्षमता के प्रथम चरण में 58 गोदाम बनाए जा रहे है। इससे किसानों को घर बैठे अनाज भंडारण, कीटनाशक एवं उर्वरक के भंडारण की सुविधा मिल सकेगी।किसानों की दिक्कतों को देखते हुए भारत सरकार की तरफ से आत्मनिर्भर योजना के तहत सहकारी समितियों में नाबार्ड की तरफ से गोदाम का निर्माण किया जाएगा। किसान न्यूनतम ब्याज पर अपनी उपज का भंडारण कर सकेंगे। बाजार में जब फसल के अच्छे दाम मिलने लगेंगे तब किसान अनाज को भंडारण गृह से निकालकर बिक्री कर सकेंगे। इससे उन्हें घाटे के अलावा अन्य परेशानियों से छुटकारा मिल जाएगा। वही इन भंडारण कक्षा में कीटनाशक एवं उर्वरकों का रखने में सुविधा होगी।बैठक में उप कृषि निदेशक अरविंद मोहन मिश्रा, सहायक आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता प्रमोद कुमार शुक्ला, जिला उद्यान अधिकारी मृत्युंजय सिंह, डीडीएम नाबार्ड प्रसून, जिला सहकारी बैंक के सचिव एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी मौजूद रहे।*

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